बेट द्वारका द्वीप गुजरात — वह पवित्र द्वीप जहाँ भगवान कृष्ण रहते थे

अरब सागर में स्थित वह पावन द्वीप जहाँ भगवान श्रीकृष्ण का निवास और रसोई थी — ओखा से नौका द्वारा पहुंचें।

पवित्र द्वीप ओखा से नौका सुबह 6 बजे – रात 9 बजे द्वारका से 30 किमी
दर्शन समय सुबह 6:00 – रात 9:00
द्वारका से दूरी 30 किमी (ओखा तक)
ओखा से नौका 3 किमी (10-15 मिनट)
नौका समय सुबह 6 बजे – शाम 6 बजे
मुख्य मंदिर द्वारकाधीश मंदिर, बेट
प्रवेश निःशुल्क

बेट द्वारका — भगवान कृष्ण का निजी निवास

बेट द्वारका अरब सागर में स्थित एक छोटा किंतु अत्यंत पवित्र द्वीप है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह वही स्थान है जहाँ भगवान श्रीकृष्ण अपने परिवार और प्रियजनों के साथ निवास करते थे। मुख्य द्वारका नगरी उनकी राजधानी थी, किंतु बेट द्वारका उनका घर था।

गुजराती भाषा में "बेट" का अर्थ है — द्वीप। यह द्वीप ओखा बंदरगाह से मात्र 3 किलोमीटर दूर है। श्रद्धालुओं को यहाँ पहुंचने के लिए नौका (नाव) लेनी पड़ती है। बेट द्वारका में अनेक मंदिर हैं जिनमें से मुख्य मंदिर भगवान कृष्ण का है।

माना जाता है कि बेट द्वारका में भगवान कृष्ण की रसोई थी और यहीं उन्होंने अपने मित्र सुदामा का स्वागत किया था। इस द्वीप पर आकर श्रद्धालु उस दिव्य वातावरण को अनुभव करते हैं जहाँ स्वयं भगवान ने लीलाएं की थीं।

ओखा से बेट द्वारका — नौका गाइड

बेट द्वारका पहुंचने के लिए ओखा बंदरगाह से नौका लेनी होती है। यह नौका यात्रा अपने आप में एक रोमांचक अनुभव है — नीले अरब सागर पर नौका में बैठकर दूर से बेट द्वारका का दृश्य मनोहर लगता है।

विवरण जानकारी
नौका शुरू होने का समय सुबह 6:00 बजे
अंतिम नौका (जाना) शाम 5:30 बजे
अंतिम नौका (वापसी) शाम 6:00 बजे
नौका अंतराल हर 15-20 मिनट
यात्रा समय 10-15 मिनट
नौका किराया ₹20-30 प्रति व्यक्ति (लगभग)
ओखा से द्वारका दूरी 30 किमी सड़क मार्ग

ध्यान दें: नौका का समय मौसम और ज्वार-भाटे पर निर्भर करता है। मानसून (जून-सितंबर) में कभी-कभी नौका सेवा बंद हो सकती है। यात्रा से पहले स्थानीय जानकारी अवश्य लें।

बेट द्वारका में क्या देखें

01

मुख्य द्वारकाधीश मंदिर

बेट द्वारका का सबसे प्रमुख मंदिर। यहाँ भगवान कृष्ण को द्वारकाधीश के रूप में पूजा जाता है। मंदिर का स्थापत्य अत्यंत सुंदर है और मूर्तियाँ भव्य रूप से सजाई जाती हैं।

02

हनुमान दांडी मंदिर

द्वीप के एक छोर पर स्थित यह मंदिर भगवान हनुमान को समर्पित है। कथा है कि यहाँ हनुमान जी ने अपनी दांडी (लाठी) रखी थी। मंदिर तक पहुंचने का रास्ता सुंदर है।

03

कुशेश्वर महादेव मंदिर

बेट द्वारका पर स्थित शिव मंदिर। यहाँ भगवान शिव की पूजा कुशेश्वर के रूप में की जाती है। शिवरात्रि पर विशेष आयोजन होता है।

04

रुक्मिणी देवी मंदिर

भगवान कृष्ण की पटरानी रुक्मिणी जी का मंदिर। यहाँ माता रुक्मिणी की सुंदर प्रतिमा है और विशेष पूजा होती है।

05

शंख समुद्र तट

बेट द्वारका के तट पर बड़ी संख्या में शंख मिलते हैं। यह समुद्र तट प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है और यहाँ का सूर्यास्त अत्यंत दर्शनीय होता है।

06

गोपी तालाब

बेट द्वारका से कुछ दूरी पर गोपी तालाब स्थित है। यह वही स्थान माना जाता है जहाँ भगवान कृष्ण द्वारका छोड़ने के बाद गोपियाँ शोक में डूबी थीं।

बेट द्वारका कैसे पहुंचें

चरण 1: द्वारका से ओखा

पहले द्वारका से ओखा पहुंचें:

  • दूरी: 30 किमी
  • समय: 40-50 मिनट
  • बस / टैक्सी उपलब्ध
  • ओखा रेलवे स्टेशन भी है

चरण 2: ओखा से नौका

ओखा बंदरगाह से नौका लें:

  • नौका दूरी: 3 किमी
  • समय: 10-15 मिनट
  • सुबह 6 बजे से उपलब्ध
  • किराया: ₹20-30 प्रति व्यक्ति

द्वीप पर यातायात

बेट द्वारका पर:

  • मुख्य मंदिर घाट के पास है
  • अधिकतर स्थल पैदल दूरी पर
  • ऑटो-रिक्शा उपलब्ध है
  • 2-3 घंटे में संपूर्ण दर्शन

तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

समय प्रबंधन

  • सुबह 7-8 बजे तक ओखा पहुंचें
  • द्वीप पर 2-3 घंटे व्यतीत करें
  • दोपहर 3 बजे से पहले वापसी
  • नागेश्वर के साथ जोड़ सकते हैं

क्या लाएं

  • पानी की बोतल अवश्य रखें
  • धूप से बचाव के लिए छाता
  • हल्का नाश्ता / खाना
  • पूजा सामग्री

सावधानियां

  • मानसून में नौका बंद हो सकती है
  • बच्चों का विशेष ध्यान रखें
  • समुद्र में न नहाएं
  • मंदिर में शालीन वस्त्र पहनें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेट द्वारका कैसे पहुंचें?
बेट द्वारका पहुंचने के लिए पहले द्वारका से ओखा (30 किमी) आएं। ओखा बंदरगाह से नौका द्वारा बेट द्वारका द्वीप पहुंचा जा सकता है। नौका की दूरी लगभग 3 किमी है और 10-15 मिनट का समय लगता है।
ओखा से बेट द्वारका नौका का समय क्या है?
ओखा से बेट द्वारका के लिए नौकाएं सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक चलती हैं। हर 15-20 मिनट में नाव मिलती है।
बेट द्वारका में कितना समय लगता है?
बेट द्वारका द्वीप पर सभी मुख्य मंदिरों के दर्शन में 2-3 घंटे लगते हैं। नौका यात्रा सहित पूरे दिन का कार्यक्रम बनाएं।
क्या बेट द्वारका में रहने की व्यवस्था है?
बेट द्वारका द्वीप पर सीमित रहने की सुविधा है। अधिकतर श्रद्धालु द्वारका या ओखा में रुककर दिन में बेट द्वारका के दर्शन करते हैं।
बेट द्वारका में कौन-कौन से मंदिर हैं?
बेट द्वारका में मुख्य द्वारकाधीश मंदिर, हनुमान दांडी मंदिर, कुशेश्वर मंदिर और रुक्मिणी देवी मंदिर प्रमुख हैं। इसके अलावा कई छोटे मंदिर भी हैं।

द्वारका में और भी देखें

द्वारकाधीश मंदिर

भगवान कृष्ण का चार धाम मंदिर। 72 खंभे, 43 मीटर शिखर और 8 दैनिक आरतियां।

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नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, द्वारका से 17 किमी। बेट द्वारका और नागेश्वर एक ही दिन में दोनों दर्शन करें।

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मंदिर समय 2026

बेट द्वारका दर्शन समय, ओखा नौका समय और सभी मंदिरों का दर्शन कार्यक्रम।

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नजदीकी दर्शनीय स्थल

सोमनाथ (235 किमी), पोरबंदर (100 किमी), शिवराजपुर बीच (15 किमी) और अधिक। द्वारका से एक दिन की यात्राएं।

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