द्वारका मंदिर समय 2026 — सभी पवित्र स्थलों की जानकारी एक स्थान पर

द्वारका के सभी प्रमुख मंदिरों और पवित्र स्थलों के दर्शन समय, आरती कार्यक्रम और यात्रा योजना — 2026 के लिए अपडेटेड।

2026 अपडेटेड सभी मंदिर आरती समय निःशुल्क प्रवेश जानकारी

द्वारका के सभी मंदिर — दर्शन समय सारणी

मंदिर / स्थल प्रातःकाल दोपहर विराम सायंकाल प्रवेश
द्वारकाधीश मंदिर 6:30 – 1:00 1:00 – 5:00 5:00 – 9:30 निःशुल्क
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग 5:00 – 12:00 12:00 – 2:00 2:00 – 9:00 निःशुल्क
बेट द्वारका (द्वीप) 6:00 – 12:00 12:00 – 2:00 2:00 – 9:00 निःशुल्क
ओखा से नौका 6:00 – 12:00 12:00 – 18:00 ₹20-30
इस्कॉन मंदिर 4:30 – 12:30 12:30 – 4:30 4:30 – 9:00 निःशुल्क
गोमती घाट 5:00 – दोपहर दोपहर – रात निःशुल्क
भड़केश्वर महादेव 6:00 – दोपहर दोपहर – 8:00 निःशुल्क
सुदामा सेतु सदा खुला सदा खुला निःशुल्क

नोट: त्योहारों और विशेष अवसरों पर समय में परिवर्तन हो सकता है। भड़केश्वर महादेव केवल भाटे के समय पहुंचा जा सकता है।

द्वारकाधीश मंदिर — आरती कार्यक्रम

द्वारकाधीश मंदिर में प्रतिदिन पाँच प्रमुख आरतियाँ होती हैं। इनमें भाग लेना एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभव है।

आरती का नाम समय विशेष महत्व
मंगला आरती सुबह 6:30 प्रथम प्रातः आरती — अत्यंत शुभ
श्रृंगार आरती सुबह 7:00 देवता का श्रृंगार दर्शन
ग्वाल आरती सुबह 7:30 बालकृष्ण स्वरूप आरती
राजभोग आरती दोपहर 12:00 मध्याह्न भोग और आरती
उत्थापन आरती शाम 5:00 विश्राम से जागरण
संध्या आरती शाम 7:00 मुख्य संध्याकालीन आरती
शयन आरती रात 9:00 रात्रि शयन की अंतिम आरती

आदर्श द्वारका यात्रा कार्यक्रम

एक दिन का कार्यक्रम

6:30

द्वारकाधीश मंदिर — मंगला आरती

प्रातःकालीन मंगला आरती के साथ दिन की शुरुआत करें। मंदिर का सुबह का वातावरण अत्यंत शांतिपूर्ण होता है।

8:00

गोमती घाट — पवित्र स्नान

गोमती नदी में स्नान करें। 56 कुंडों का दर्शन करें और दीपदान करें।

9:00

नाश्ता और विश्राम

स्थानीय रेस्टोरेंट में शाकाहारी नाश्ता लें।

10:00

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

द्वारका से 17 किमी दूर नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें। शिव प्रतिमा का दर्शन करें।

12:30

ओखा और बेट द्वारका

ओखा पहुंचें, नौका लें और बेट द्वारका के सभी मंदिरों के दर्शन करें। दोपहर का भोजन यहाँ करें।

16:00

वापसी और भड़केश्वर महादेव

द्वारका वापस आएं। भाटे का समय हो तो भड़केश्वर महादेव दर्शन करें।

18:30

गोमती घाट — संध्या आरती

सूर्यास्त के समय संध्या आरती देखें। सुदामा सेतु पर टहलें और दीपदान करें।

दो दिन का कार्यक्रम

पहला दिन

  • सुबह: द्वारकाधीश मंदिर मंगला आरती
  • सुबह: गोमती घाट स्नान
  • दोपहर: नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
  • शाम: भड़केश्वर महादेव
  • शाम: गोमती घाट संध्या आरती

दूसरा दिन

  • सुबह: इस्कॉन मंदिर मंगला आरती
  • सुबह: बेट द्वारका (ओखा से नौका)
  • दोपहर: बेट द्वारका दर्शन
  • शाम: द्वारकाधीश मंदिर संध्या आरती
  • रात: शयन आरती दर्शन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन का समय क्या है?
द्वारकाधीश मंदिर प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम 5:00 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है। जन्माष्टमी पर रात भर खुला रहता है।
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का समय क्या है?
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है। रुद्राभिषेक के लिए सुबह 5:30 – 7:00 का समय है।
बेट द्वारका नौका का समय क्या है?
ओखा से बेट द्वारका के लिए नौकाएं सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक चलती हैं। मानसून में नौका बंद हो सकती है।
द्वारका यात्रा के लिए कितने दिन पर्याप्त हैं?
द्वारका के सभी प्रमुख स्थलों को अच्छी तरह देखने के लिए 2 दिन पर्याप्त हैं। यदि सोमनाथ और पोरबंदर भी जाना हो तो 3-4 दिन रखें।
द्वारका में कौन सा मंदिर सबसे पहले जाएं?
सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर (जगत मंदिर) जाएं — यह चार धाम तीर्थ का मुख्य मंदिर है। इसके बाद गोमती घाट, नागेश्वर और बेट द्वारका का क्रम रखें।

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